उत्तराखंड के नैनीताल जिले में जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना कार्य आगामी 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक संपन्न होगा।
जनगणना कार्मिकों के प्रथम प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ सोमवार को हल्द्वानी के काठगोदाम सर्किट हाउस सभागार में किया गया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तय किए गए 2047 में विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के लिए जनगणना आधारशिला का काम करेगी। उन्होंने कहा कि सभी विकास योजनाएं जनगणना के आंकड़ों पर आधारित होती हैं, इसलिए यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी का कार्य है।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र नेगी के निर्देशन में फील्ड प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया गया। जिला अर्थ संख्याधिकारी डॉ. मुकेश नेगी ने प्रशिक्षण के दौरान जनगणना की प्रक्रिया, मकानों और परिवारों की सूचीकरण पद्धति और डिजिटल माध्यम से डेटा संग्रहण की विस्तृत जानकारी दी।
अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र नेगी ने बताया कि इस बार जनगणना पहली बार डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। मोबाइल एप के माध्यम से डेटा एंट्री और सर्वेक्षण किया जाएगा। उन्होंने फील्ड ट्रेनरों से कहा कि डेटा पूरी तरह सटीक और त्रुटि-मुक्त होना चाहिए, क्योंकि यह प्रशासन की विश्वसनीयता और शासन की पारदर्शिता की परीक्षा है।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है और प्रशिक्षण के माध्यम से फील्ड ट्रेनरों को पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है। डिजिटल माध्यम से डेटा संग्रहण अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगा। उन्होंने प्रशिक्षुओं से इसे गंभीरता से लेने और पूरे जिम्मेदारी के साथ कार्य संपन्न कराने का आग्रह किया।
इसके अलावा, जनगणना निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव ने वीसी के माध्यम से बताया कि मकान गणना के दौरान 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक जनता को स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशिक्षण में हाउस लिस्टिंग ऑफिसर (एचएलओ) के गठन, डेटा संकलन और रिपोर्टिंग प्रणाली की भी जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण शिविर में जिले के सभी विकासखंडों के उपजिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, तहसीलदार और फील्ड प्रशिक्षु मौजूद थे, और उन्हें जनगणना कार्य को पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ संपन्न कराने के लिए निर्देशित किया गया।



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