उत्तराखंड में नर्सिंग अधिकारी भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में भारी असंतोष और आक्रोश देखने को मिल रहा है। अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्यायसंगत व्यवस्था को लेकर कई गंभीर आपत्तियां उठाते हुए कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत को ज्ञापन सौंपा है। वे मांग कर रहे हैं कि भर्ती प्रक्रिया को पूर्व की तरह वर्षवार प्रणाली के आधार पर आयोजित किया जाए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्तमान प्रक्रिया से हजारों उम्मीदवारों के भविष्य पर असर पड़ सकता है। उन्होंने मांग की है कि तत्काल प्रभाव से जारी नर्सिंग अधिकारी भर्ती पोर्टल को बंद किया जाए और नई भर्ती वर्षवार आधार पर शुरू की जाए।
ज्ञापन में अभ्यर्थियों ने आईपीएचएस (IPHS) मानकों के अनुसार लगभग 2500 रिक्त पदों पर शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में एक साथ भर्ती निकालने की भी मांग रखी है। इसके अलावा, उन्होंने आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को विशेष आयु छूट देने और उत्तराखंड के मूल निवासियों को प्राथमिकता देने की भी मांग की।
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन द्वारा सकारात्मक निर्णय लेने की स्थिति में अनिश्चितकालीन धरना स्थगित किया जा सकता है। नर्सिंग भर्ती को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।



Subscribe Our Channel











