उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहसपुर स्थित श्री गुरु रामराय पब्लिक स्कूल में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ जनसेवा शिविर में कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शासन-प्रशासन को जनता के और अधिक करीब लाना है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं जनता के द्वार पहुंचकर सेवाएं उपलब्ध करा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और सुशासन का अर्थ संवेदनशील, जवाबदेह एवं जनकेंद्रित प्रशासन है। उन्होंने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में प्रदेशभर में लगभग 700 जनसेवा शिविर आयोजित किए गए, जिनमें पांच लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। देहरादून जिले में आयोजित 46 शिविरों के माध्यम से 39 हजार से अधिक लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराया गया।
शिविर में एक हजार से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया और विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं सहायता सामग्री वितरित की तथा विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याएं सुनते हुए कई मामलों में अधिकारियों को मौके पर ही समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। साईलोक कारबारी ग्रांट में दो माह के भीतर 30 सोलर लाइट लगाने, जूट बैग निर्माण के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराने, सेलाकुई क्षेत्र में सड़क एवं जल निकासी कार्य कराने, भाऊवाला में श्मशान घाट निर्माण, राजस्व संबंधी लंबित मामलों के निस्तारण, पार्क एवं ओपन जिम निर्माण तथा ग्राम बड़ोवाला में डिस्पेंसरी और एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘विकसित भारत, विकसित उत्तराखंड’ के संकल्प के साथ कार्य कर रही है और प्रत्येक नागरिक तक विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।



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