उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबें बरामद की हैं। कार्रवाई के दौरान एक गोदाम से किताबों से भरा ट्रक भी कब्जे में लिया गया है। शुरुआती जांच में किताबों की बिलिंग फर्जी होने की बात सामने आई है। मामले की जानकारी एनसीईआरटी और शिक्षा विभाग के निदेशालय को दे दी गई है, जबकि सोमवार को एनसीईआरटी की टीम के रुद्रपुर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, रुद्रपुर के कीरतपुर इलाके में प्रशासन, शिक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक गोदाम में छापेमारी की। यहां से बड़ी मात्रा में एनसीईआरटी की किताबें बरामद की गईं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब तीन से चार करोड़ रुपये बताई जा रही है। छापेमारी के दौरान गोदाम में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला, जिससे पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने मौके से किताबों से लदा एक ट्रक भी जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि देर रात पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि कीरतपुर स्थित एक गोदाम से एनसीईआरटी की किताबें ट्रक के जरिए कहीं भेजी जा रही हैं। सूचना मिलते ही कोतवाल मनोज रतूड़ी ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग को भी मामले से अवगत कराया।
सूचना मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा भी मौके पर पहुंचे। हालांकि उस समय प्रशासनिक अधिकारी मौजूद नहीं थे, इसलिए रात में कार्रवाई नहीं की जा सकी। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस टीम ने गोदाम पर पूरी रात नजर बनाए रखी।
अगली सुबह प्रशासन की टीम तहसीलदार दिनेश कुटौला के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। तहसीलदार और जिला शिक्षा अधिकारी की मौजूदगी में गोदाम का ताला तोड़ा गया। अंदर पहुंचने पर टीम ने बड़ी मात्रा में एनसीईआरटी की किताबें पाईं। साथ ही एक ट्रक भी मिला, जिसमें किताबें लदी हुई थीं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गोदाम में मौजूद किताबों की बिलिंग पूरी तरह फर्जी है। गोदाम में कोई कर्मचारी न मिलने से यह आशंका जताई जा रही है कि किताबों को अवैध रूप से कहीं भेजने की तैयारी की जा रही थी।
जिला शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा ने बताया कि फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि किताबें कहां से लाई गई थीं और उन्हें कहां भेजा जाना था। जांच के लिए किताबों के कुछ सैंपल भी लिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से एनसीईआरटी की किताबें छापने के लिए केवल तीन प्रिंटर्स को अधिकृत किया गया है— राज इंटरप्राइजेस, दीपक प्रिंटर्स और आज तक प्रिंटर्स (मथुरा)। इनके अलावा किसी अन्य संस्था या व्यक्ति को इन किताबों को छापने की अनुमति नहीं है।
फिलहाल गोदाम को पुलिस सुरक्षा में रखा गया है। पूरे मामले की सूचना शिक्षा विभाग के निदेशालय देहरादून और एनसीईआरटी को दे दी गई है। सोमवार को एनसीईआरटी की टीम के रुद्रपुर पहुंचकर मामले की जांच करने की उम्मीद है।



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