केंद्रीय बजट में उत्तराखंड के किसानों की उम्मीदें: आय बढ़ाने और खेती बचाने की राह

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देहरादून: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखंड को केंद्र की योजनाओं में हमेशा विशेष महत्व दिया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री का राज्य से गहरा लगाव है और इसलिए यहां हर योजना में ध्यान रखा जाता है। धामी ने कहा, “बजट से हमें हमेशा उम्मीद से अधिक लाभ मिलता है और इस बार भी हमें बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है।”

राज्य के किसानों की नजरें भी बजट पर हैं। किसान चाहते हैं कि उनकी फसलों की शत-प्रतिशत खरीद तय मूल्य पर गारंटी के साथ हो। नकदी फसलों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। नैनीताल जिले के मल्ला निगलाठ गांव निवासी नीरज मेहरा ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में जंगली जानवर फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, और कई किसान इसी वजह से खेती छोड़ चुके हैं।

किसानों की अन्य समस्याओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है। मोथरोवाला निवासी एचपी जोशी ने कहा कि किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज नहीं मिल पाता, जिससे पैदावार प्रभावित होती है। दूधली निवासी मोहन सिंह बोरा ने बताया कि देहरादून शहर का गंदा पानी खेतों तक पहुंचने के कारण जैविक खेती मुश्किल हो रही है और इससे त्वचा संबंधी बीमारियां भी बढ़ रही हैं।

किसान उम्मीद कर रहे हैं कि बजट में फसल सुरक्षा, सही कीमत और आधुनिक कृषि साधनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में खेती फिर से फले-फूले और किसानों की आय बढ़े।