उत्तराखंड में अतिक्रमण पर बड़ा वार—वन भूमि से हटाई गईं अवैध मजारें

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उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में वन विभाग ने सरकारी भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए दो अवैध मजारों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई सोमवार तड़के सुबह की गई, जिससे प्रशासन की सख्ती का स्पष्ट संदेश गया। यह निर्णय वन विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त सहमति से लिया गया था।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ये दोनों मजारें बिना किसी वैध अनुमति के वन भूमि पर बनाई गई थीं। विभाग ने करीब दो महीने पहले ही संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर आवश्यक भूमि दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा था। हालांकि, तय समय सीमा के भीतर न तो कोई जवाब दिया गया और न ही कोई वैध कागजात पेश किए गए। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मजारों को हटाया गया।

डीएफओ हिमांशु बागड़ी ने बताया कि किच्छा और सितारगंज वन क्षेत्र के डोला और पुलभट्टा रेंज में ये अवैध निर्माण किए गए थे। कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम ने दोनों संरचनाओं को पूरी तरह हटाकर मलबा भी जंगल से बाहर कर दिया, ताकि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो सके।

इस अभियान में स्थानीय प्रशासन का भी पूरा सहयोग रहा। एडीएम पंकज उपाध्याय ने बताया कि कार्रवाई से पहले सभी कानूनी पहलुओं पर विचार किया गया था, ताकि कानून-व्यवस्था पर कोई असर न पड़े।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड सरकार अवैध अतिक्रमण के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। अब तक राज्यभर में 577 से अधिक अवैध संरचनाओं को हटाकर सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है। ताजा कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रशासन अवैध कब्जों के खिलाफ सख्ती बरतने के लिए प्रतिबद्ध है और बिना अनुमति किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।