उत्तराखंड में नए साल की शुरुआत के साथ ही राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। साल 2026 में शासन स्तर पर व्यापक फेरबदल की संभावना जताई जा रही है, खासकर उन अधिकारियों के कारण जिन्हें हाल ही में प्रमोशन मिला है और जिन्हें नई जिम्मेदारियां दी जानी हैं।
इन बदलावों में सबसे अहम नाम मुख्यमंत्री कार्यालय के करीबी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शैलेश बगौली का है। उत्तराखंड कैडर के 2002 बैच के शैलेश बगौली को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के तहत राजस्व विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर तैनात किया है। यह तैनाती अगले पांच वर्षों या अगले आदेश तक के लिए है।
वर्तमान में शैलेश बगौली राज्य में गृह और कार्मिक विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, इसके अलावा वे सचिव मुख्यमंत्री के पद का कार्यभार भी देख रहे हैं। उनके केंद्र में जाने के बाद इन महत्वपूर्ण विभागों के लिए नए अधिकारियों की तैनाती करना राज्य सरकार के लिए प्राथमिकता बन जाएगी। गृह और कार्मिक विभाग सीधे कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक नियंत्रण और मानव संसाधन प्रबंधन से जुड़े हैं, इसलिए इन पदों पर भरोसेमंद और सीनियर अधिकारियों को नियुक्त करना आवश्यक होगा।
इसी क्रम में एक अन्य वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आशीष जोशी भी चर्चा में हैं। वह पहले से ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, लेकिन अब उन्हें केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय में नई जिम्मेदारी दी गई है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि उत्तराखंड कैडर के अधिकारी न सिर्फ राज्य बल्कि केंद्र स्तर पर भी अहम भूमिकाएं निभा रहे हैं।
इसके अलावा हाल ही में राज्य शासन में सचिव स्तर के कई अधिकारियों को प्रमोशन दिया गया है। इसके बाद कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी नए प्रमोटेड अधिकारियों को सौंपी जा सकती है। शासन स्तर पर इसके अलावा भी कुछ बड़े बदलावों की चर्चा है।
जिलों में भी प्रशासनिक फेरबदल की संभावना है। कुछ जिलों में जिलाधिकारियों के तबादले पर पहले से ही विचार किया जा रहा है। इन सभी संकेतों से यह स्पष्ट है कि जनवरी 2026 में उत्तराखंड शासन और प्रशासनिक ढांचे में बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं।



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