देहरादून। एसटीएफ ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने वाले एक गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से एक फर्जी शस्त्र लाइसेंस भी बरामद हुआ है। यह गिरोह बाहरी राज्यों से फर्जी लाइसेंस तैयार कर उन्हें फर्जी एनओसी के आधार पर उत्तराखंड में रजिस्टर्ड कराने का काम करता था।
जानकारी के अनुसार, राज्य में अवैध शस्त्र लाइसेंसों के रजिस्ट्रीकरण और इनके जरिए आपराधिक गतिविधियों की आशंका को देखते हुए एसटीएफ ने कार्रवाई शुरू की थी। इसी दौरान थाना क्लेमेनटाउन में मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई।
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया कि बाहरी राज्यों से फर्जी तरीके से बनाए गए शस्त्र लाइसेंस उत्तराखंड की शस्त्र पंजिका में दर्ज कराए जा रहे थे। टीम ने इस संबंध में देहरादून, मेरठ और पंजाब सहित कई जिलों से पत्राचार कर जांच की।
जांच में पाया गया कि अमृतसर (पंजाब) से जारी बताया गया एक शस्त्र लाइसेंस वास्तव में वहां से जारी ही नहीं किया गया था, बल्कि उसे फर्जी तरीके से तैयार किया गया था। यह लाइसेंस वर्ष 2017 में देहरादून के जिलाधिकारी कार्यालय की शस्त्र पंजिका में दर्ज कराया गया था।
पुख्ता जानकारी मिलने के बाद एसटीएफ ने आरोपी अमित यादव, निवासी हुमनत रेजिडेंसी, देहरादून को लकड़ मंडी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से एक फर्जी शस्त्र लाइसेंस भी बरामद किया गया है।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि इस तरह के फर्जी शस्त्र लाइसेंस बड़े स्तर पर तैयार कर उत्तराखंड के कई जिलों में दर्ज कराए गए हैं। एसटीएफ अब इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इसके अलावा, पूर्व में भी इसी मामले में एक अन्य आरोपी को अवैध पिस्टल और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है।



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