उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े मामलों में एआई तकनीक के गलत इस्तेमाल के दो गंभीर मामले सामने आए हैं। पहले मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की डीपफेक वीडियो बनाई गई, जबकि दूसरे मामले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अश्लील सामग्री फैलाने की शिकायत मिली। दोनों मामलों में देहरादून पुलिस ने साइबर क्राइम थाने में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं।
सहस्त्रधारा रोड निवासी रोहित ने पुलिस को बताया कि सुमित्रा भुल्लर नाम की फेसबुक प्रोफाइल के जरिए एआई और डीपफेक तकनीक का उपयोग कर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की हूबहू नकली वीडियो तैयार की गई। इस फर्जी वीडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े तथ्यहीन और आपत्तिजनक बयान दिखाए गए। रोहित ने स्पष्ट किया कि उनका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने एक सजग नागरिक के तौर पर इस घृणित कृत्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
दूसरे मामले में ऋषिकेश के गुमानीवाला निवासी संजय राणा ने शिकायत दी कि ग्रोक एआई और एक्स (पूर्व में ट्विटर) प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक और कानून विरोधी गतिविधियां की जा रही हैं। संजय ने परीक्षण के लिए सामान्य कपड़ों वाली फोटो ग्रोक एआई पर अपलोड की, जिस पर तुरंत अश्लील फोटो प्राप्त हुई। उन्होंने इसे डिजिटल यौन उत्पीड़न, निजता के उल्लंघन और महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य बताया।
एसटीएफ एसएसपी नवनीत भुल्लर ने बताया कि दोनों मामलों की जांच के लिए विशेषज्ञ टीम गठित की गई है। जांच पूरी होने के बाद एआई तकनीक के दुरुपयोग में शामिल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



Subscribe Our Channel










