बिना नक्शा स्वीकृति का खेल खत्म: बहुमंजिला भवन सील, अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त

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उत्तराखंड में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक बार फिर कड़ी कार्रवाई हुई है। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने ऋषिकेश क्षेत्र में बिना नक्शा स्वीकृति और अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों पर सख्त कदम उठाया। इस कार्रवाई में एक बहुमंजिला इमारत को सील किया गया और लगभग 11 बीघा जमीन पर अवैध प्लाटिंग को जमींदोज कर दिया गया।

एमडीडीए की टीम ने पशुलोक निर्मल बाग की गली नंबर 10 में एक बहुमंजिला भवन पर छापा मारा। बिना स्वीकृत मानचित्र के चल रहे इस निर्माण को मौके पर ही सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज और अवर अभियंता पूनम सकलानी के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहा।

प्राधिकरण ने सुनील रावत द्वारा लगभग 5 बीघा भूमि पर अवैध रूप से बनाई जा रही सड़कें और प्लॉट को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया। वहीं, संदीप रावत द्वारा लगभग 6 बीघा जमीन पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर भी कार्रवाई की गई और निर्माण कार्य पूरी तरह रोक दिया गया।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि शहर के सुनियोजित विकास से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी कमाई का निवेश करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि निर्माण या प्लाटिंग के लिए प्राधिकरण से अनुमति ली गई है या नहीं।

सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। आने वाले दिनों में भी भूमि से संबंधित अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों को सलाह दी गई है कि बिना मानचित्र स्वीकृति निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।