उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और बदलती अपराध चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस को आधुनिक संसाधनों से लैस किया जा रहा है। नशे का कारोबार और साइबर अपराध आज समाज, विशेषकर युवाओं के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं। इन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस को तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री बुधवार को रेसकोर्स स्थित पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस परेड में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पुलिस विभाग में 1600 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुलिस की विवेचना व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विवेचकों को जांच किट उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही देहरादून में पुलिस ट्रांजिट हॉस्पिटल बनाने और देहरादून पुलिस अस्पताल को अपग्रेड करने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मी हर परिस्थिति में आमजन की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। त्योहारों और विशेष अवसरों पर जब लोग अपने परिवार के साथ खुशियां मनाते हैं, तब पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। उनका त्याग और समर्पण समाज के लिए प्रेरणादायी है। शहीद पुलिसकर्मियों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनके परिवारों ने देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपूरणीय क्षति सहन की है।
धामी ने कहा कि अपराध का स्वरूप लगातार बदल रहा है। अब पुलिस की जिम्मेदारी केवल सड़कों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि साइबर अपराध और नशे के नेटवर्क पर भी प्रभावी कार्रवाई करनी है। युवाओं को नशे से बचाना और अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए पुलिसकर्मियों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम, हेमकुंड साहिब और कैंची धाम सहित प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही के बीच सुरक्षा, यातायात और सहायता व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण था। उत्तराखंड पुलिस ने पूरी जिम्मेदारी के साथ व्यवस्थाएं संभालीं। पुलिसकर्मियों के इस प्रयास से श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा कराने में मदद मिली और प्रदेश की छवि मजबूत हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की नौकरी में लगातार जिम्मेदारियों और दबाव का सामना करना पड़ता है। सड़क से लेकर डिजिटल अपराधों तक, पुलिसकर्मियों को कई मोर्चों पर काम करना होता है। ऐसे में उनके मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके लिए समय-समय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता है, जिससे पुलिसकर्मी स्वस्थ रहते हुए बेहतर कार्य कर सकें। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद निरीक्षक धर्मेंद्र मलिक की पत्नी सुनीता और शहीद उप निरीक्षक विनोद पंवार की पत्नी नीलम को सम्मानित किया। उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनका योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा।




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