न्यूज जंक्शन 24, देहरादून। यूपी के गौतमबुद्ध नगर के चिटहरा में हुए भूमि घोटाले की आंच में यूपी के साथ ही उत्तराखंड भी झुलसने लगा है। इस मामले में गैंगस्टर यशपाल तोमर के साथ उत्तराखंड के 3 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के परिजनों पर भी मुकदमा दर्ज हुआ है। इसी कारण यूपी सरकार की इस कार्रवाई के बाद उत्तराखंड में भी हलचल मची हुई है।
कहा जा रहा है कि इस घोटाले में उत्तराखंड के जिन तीन आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के परिजनों के नाम सामने आए हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान ने कार्रवाई की संभावना को और बढ़ा दिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि यह प्रदेश से बाहर का मामला है। मगर यदि जरूरत पड़ी तो इस मामले में यूपी की पूरी मदद की जाएगी। यानी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस बयान से इंकार नहीं किया जा सकता की अगर यूपी पुलिस उत्तराखंड के अफसरों पर कार्रवाई को कदम बढ़ाती है तो उत्तराखंड सरकार भी इस जांच में मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा भी है कि कानून अपना काम कर रहा है और जरूरत पड़ी तो इस पर प्रदेश सरकार भी जांच करेगी।
इन अफसरों की बढ़ेगी मुश्किलें
यूपी के ग्रेटर नोएडा जिले के दादरी थाने में उत्तराखंड के गैंगस्टर यशपाल तोमर और चिटहरा भूमि घोटाले के मुख्य आरोपी यशपाल तोमर समेत 9 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जिन 9 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है, उसमें उत्तराखंड के सचिव मुख्यमंत्री आईएएस मीनाक्षी सुंदरम के ससुर एम भास्करन, एमडीडीए सचिव आईएएस बृजेश संत के पिता का केएम संत उर्फ खचेरमल और उत्तराखंड के डीआईजी राजीव स्वरूप की माता सरस्वती देवी का भी शामिल है।