उत्तराखंड में पदोन्नति कोटे के तहत खाली पड़े IAS कैडर के पदों को लेकर जल्द बड़ा फैसला होने जा रहा है। राज्य में वर्ष 2022 के सापेक्ष रिक्त दो IAS पदों के लिए आज 03 फरवरी को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के समक्ष विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक आयोजित की जा रही है। इसके लिए राज्य के कार्मिक विभाग ने सभी आवश्यक अभिलेख और योग्य PCS अधिकारियों की सूची UPSC को सौंप दी है।
दरअसल, राज्य सरकार वर्ष 2022, 2023 और 2024 की रिक्तियों के आधार पर एक साथ DPC कराने की इच्छुक थी और इसी क्रम में तीनों वर्षों की रिक्तियों तथा पात्र PCS अधिकारियों का विवरण UPSC को भेजा गया था। हालांकि, UPSC ने फिलहाल केवल वर्ष 2022 की दो रिक्तियों के लिए ही DPC आयोजित करने की अनुमति दी है।
राज्य सरकार की ओर से सीनियरिटी और पात्रता के आधार पर सात PCS अधिकारियों के नाम UPSC के समक्ष रखे गए हैं। इनमें भगवत किशोर, बंसीलाल राणा, नरेंद्र सिंह कुरियाल, हरक सिंह रावत, भगवान सिंह चलाल, चंद्र सिंह धर्मशक्तू और जीवन सिंह नग्नियाल शामिल हैं। DPC बैठक में इन सभी नामों पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
सीनियरिटी सूची में सबसे ऊपर भगवत किशोर का नाम है, हालांकि उनका निधन हो चुका है। इसी तरह सूची में शामिल हरक सिंह रावत का भी देहांत हो चुका है। वर्ष 2022 की रिक्ति अवधि के दौरान दोनों अधिकारी सेवा में थे, इसलिए नियमों के तहत उनके नाम DPC में शामिल किए गए हैं। अब यह निर्णय DPC को लेना है कि इन्हें मरणोपरांत IAS कैडर का लाभ दिया जाएगा या नहीं।
यदि UPSC भगवत किशोर के नाम पर विचार नहीं करती है, तो ऐसी स्थिति में बंसीलाल राणा और नरेंद्र सिंह कुरियाल के IAS कैडर में पदोन्नत होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। नियमों के अनुसार IAS कैडर में पदोन्नति के लिए PCS अधिकारी का कम से कम 8 वर्ष डिप्टी कलेक्टर स्तर की सेवा में होना आवश्यक है और आयु 56 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
वर्तमान में राज्य में पदोन्नति कोटे के तहत वर्ष 2022 के सापेक्ष 2, वर्ष 2023 के सापेक्ष 2 और वर्ष 2024 के सापेक्ष 4 पद रिक्त हैं। इस तरह कुल 8 IAS पद खाली हैं। इसके अलावा वर्ष 2027 तक पदोन्नति कोटे के 6 IAS अधिकारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इनमें IAS हरिश्चंद्र सेमवाल पहले ही रिटायर हो चुके हैं। ऐसे में वर्ष 2027 तक कुल 14 PCS अधिकारियों को IAS कैडर में पदोन्नति का अवसर मिल सकता है।
हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा PCS सीनियरिटी विवाद बना हुआ है, जो फिलहाल न्यायालय में लंबित है। इसी कारण कार्मिक विभाग अब तक अंतिम सीनियरिटी सूची जारी नहीं कर पाया है और अनंतिम सूची के आधार पर ही कार्यवाही की जा रही है।
सीनियरिटी विवाद के चलते कई योग्य PCS अधिकारी समय पर पदोन्नति से वंचित हो रहे हैं। चिंता की बात यह है कि कई अधिकारी 56 वर्ष की आयु सीमा के करीब पहुंच चुके हैं। यदि समय रहते DPC और पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तो वे IAS कैडर में जाने का अवसर हमेशा के लिए खो सकते हैं।
ऐसे में 03 फरवरी को होने वाली DPC बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह न सिर्फ वर्ष 2022 की रिक्तियों पर फैसला करेगी, बल्कि आने वाले वर्षों की पदोन्नति प्रक्रिया की दिशा भी तय करेगी। अब सभी की निगाहें UPSC और DPC के निर्णय पर टिकी हैं, जिससे उत्तराखंड प्रशासन को जल्द दो नए IAS अधिकारी मिलने की उम्मीद है।


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