उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के सिडकुल थाना क्षेत्र से फर्जी जमानत लेने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरकार बनाम रोशन लाल केस की सुनवाई के दौरान चार पेशेवर जमानती कोर्ट में जमानत लेने पहुंचे, लेकिन उनकी पहचान सामने आने पर सिडकुल थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
मामले के अनुसार, रोशनाबाद स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय में सुनवाई के दौरान चार आरोपी अलग-अलग अभियुक्तों की जमानत के लिए पेश हुए थे। इनमें मुकेश कुमार उर्फ मोनू की ओर से उज्ज्वल सिंह, रोशन लाल की ओर से नरेश प्रताप बहुगुणा और नरेश पुत्र चंद्रमण, तथा राजेश कुमार की ओर से कमलेश जमानती बने।
सुनवाई के दौरान न्यायालय को संदेह हुआ और रिकॉर्ड जांच में यह सामने आया कि ये सभी पेशेवर जमानती हैं, जिन्होंने पहले भी अलग-अलग मामलों में एक ही समय पर कई न्यायालयों में जमानत ली थी। इसके अलावा, उन्होंने अपने शपथपत्र में पूर्व में ली गई जमानत का कोई उल्लेख नहीं किया था, जिससे अदालत को गुमराह करने का मामला बन गया।
न्यायालय ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए सिडकुल थाना पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने चारों आरोपियों—कमलेश, उज्ज्वल सिंह, नरेश और नरेश प्रताप बहुगुणा—के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया।
थाना सिडकुल के प्रभारी नितेश शर्मा ने बताया कि कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपियों ने पैसे लेकर जेल में बंद व्यक्तियों को बाहर निकालने में मदद की, लेकिन अब उनके लिए खुद जमानती ढूंढने की नौबत आएगी।



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