उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के चंद्रबनी नयागांव क्षेत्र में एक खाली मैदान पर पिलर लगाने पहुंची जिला प्रशासन और पुलिस की टीम को स्थानीय लोगों के तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा। जमीन पर स्वामित्व को लेकर विवाद के बीच मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासन कथित रूप से भूमाफियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए कार्रवाई कर रहा है। लोगों का कहना है कि जिस भूमि पर प्रशासन हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर कब्जा लेने की कोशिश कर रहा है, वह जमीन विवादित स्थल पर नहीं बल्कि किसी अन्य स्थान पर स्थित है। उनका दावा है कि संबंधित भूमि श्रम विभाग की है।
विरोध के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौके पर मौजूद रहीं और उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध किया। इसी बीच, तहसीलदार की मौजूदगी में एक पुलिसकर्मी द्वारा पिलर लगाने के लिए गड्ढा खोदने की कोशिश की गई, जिसके बाद प्रदर्शनकारी महिलाओं और पुलिस के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई।
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब दो युवक पास के एक तीन मंजिला मकान की छत पर चढ़ गए और अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। घटना से प्रशासन और पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। तत्काल पुलिसकर्मी छत पर पहुंचे और काफी समझाइश के बाद दोनों युवकों को सुरक्षित नीचे उतार लिया।
घटनास्थल पर लंबे समय तक तनाव का माहौल बना रहा। एक ओर प्रशासन अपनी कार्रवाई को वैध बता रहा था, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोग जमीन पर कब्जे के प्रयास का आरोप लगाते हुए विरोध पर अड़े रहे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।



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