उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े 22 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक में निराश्रित महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना को मंजूरी देने के साथ शिक्षा, समाज कल्याण, खेल, पर्यटन, सड़क-पुल निर्माण और विभागीय ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग देने के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा बढ़ाने, दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में अतिरिक्त अंक देने और खिलाड़ियों को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने सहित कई प्रस्तावों पर मुहर लगाई।
कैबिनेट ने प्रदेश की निराश्रित महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना को मंजूरी दी। इस योजना का उद्देश्य ऐसी महिलाओं को सम्मान और सहायता उपलब्ध कराना है। हालांकि, योजना के तहत लाभार्थियों की पात्रता, सहायता राशि और अन्य शर्तों का विवरण अलग से जारी होने पर स्थिति स्पष्ट होगी।
समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग देने के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा दो लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दी गई है। इससे अधिक आय वाले पात्र परिवारों के विद्यार्थियों को भी योजना का लाभ मिल सकेगा।
कैबिनेट ने उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं में दिव्यांग विद्यार्थियों को पांच अतिरिक्त अंकों की छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके अलावा राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने का निर्णय लिया गया। प्रदेश के प्रत्येक जिले में मुख्य खेल प्रशिक्षक तैनात करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण से जुड़ी स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कैबिनेट ने दोनों कार्यों के लिए अलग-अलग स्वीकृति के स्थान पर एक ही स्वीकृति से काम कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेड़ा) के ढांचे के पुनर्गठन और कनिष्ठ अभियंताओं के पदों को उच्चीकृत करने का निर्णय लिया गया।
ऊधम सिंह नगर जिले के राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को उच्चीकृत कर हाईस्कूल का दर्जा देने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। निदेशालय विभागीय लेखा के संरचनात्मक ढांचे में मिनिस्टीरियल संवर्ग के पदों के पुनर्गठन और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) के ढांचे के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई।
पीएम पोषण योजना के तहत हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में केंद्रीय किचन स्थापित करने के लिए अन्नामृत फाउंडेशन को भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 में जनजातियों की सूची में दर्ज ‘जन्नासारी’ नाम को संशोधित कर ‘जौनसारी’ करने को मंजूरी दी। समान नागरिक संहिता के प्रावधानों में लिपिकीय त्रुटियों को सुधारने के लिए संशोधन प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह-ग और समूह-घ कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली को मंजूरी दी गई। स्टांप वादों के निस्तारण के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू करने तथा उत्तराखंड विधि संशोधन विधेयक, 2026 को अधिनियमित करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिली। उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019-22 की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर रखने को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने हरिद्वार में आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएमएस विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी। इसके साथ ही प्रदेश में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड के गठन के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई।
बैठक में विभिन्न विभागों के ढांचागत पुनर्गठन, शिक्षा सुविधाओं के विस्तार, सामाजिक कल्याण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए।




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