उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय में सोमवार रात करीब 10:05 बजे भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे कुछ देर के लिए लोगों में दहशत का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि भूकंप से किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि झटके महसूस होते ही कंट्रोल रूम के माध्यम से भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), देहरादून को सूचना दी गई। आईएमडी की ओर से बताया गया कि भूकंप की तीव्रता बेहद कम होने के कारण यह सिस्टम पर दर्ज नहीं हो पाई।
प्रशासन द्वारा तहसील चिन्यालीसौड़, डुंडा, भटवाड़ी, मोरी, पुरोला और बड़कोट से भी जानकारी ली गई, जहां कहीं भी भूकंप के झटके महसूस नहीं किए गए। सभी तहसील क्षेत्रों में स्थिति सामान्य और सुरक्षित बताई गई है।
आपदा प्रबंधन अधिकारी ने कहा कि जिले के सभी कर्मचारी अलर्ट मोड पर हैं और स्कूलों सहित विभिन्न संस्थानों में भूकंप से बचाव से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस भूकंप से किसी भी प्रकार की क्षति नहीं हुई है।
गौरतलब है कि हिमालयी राज्य उत्तराखंड भूकंप की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। प्रदेश का अधिकांश हिस्सा भूकंपीय जोन-5 में आता है, जबकि उत्तरकाशी जनपद जोन-4 और जोन-5 के अंतर्गत आता है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1991 में उत्तरकाशी जिले ने 6.4 तीव्रता वाले विनाशकारी भूकंप की त्रासदी झेली थी, जिसमें 653 लोगों की जान चली गई थी।



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