ईरान युद्ध के बीच बड़ा फैसला: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती

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नई दिल्ली: ईरान युद्ध और बढ़ती अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती की है। अब पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपये से घटाकर शून्य रुपये कर दी गई है। इस फैसले से फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रहेंगी।

यह कदम पश्चिम एशिया में ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट पर ब्लॉकेड लगाए जाने और ग्लोबल एनर्जी संकट के बीच उठाया गया है। होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के रोजाना 20 से 25 मिलियन बैरल क्रूड ऑयल और गैस का पांचवां हिस्सा गुजरता है।

फाइनेंस मंत्रालय द्वारा देर रात जारी नोटिफिकेशन में कहा गया कि यह फैसला तुरंत लागू होगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि सरकार ने अपने कर राजस्व पर भारी असर डालकर तेल कंपनियों के नुकसान को कम किया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कीमतें आसमान छू रही हैं—पेट्रोल के लिए लगभग 24 रुपये/लीटर और डीजल के लिए 30 रुपये/लीटर का नुकसान बचाया गया। इसके अलावा एक्सपोर्ट टैक्स भी लगाया गया है ताकि देश की रिफाइनरी पेट्रोल और डीजल दूसरे देशों को भेजने पर टैक्स दें।

सरकार का यह कदम पेट्रोलियम कंपनियों को राहत देने के लिए है, जो उच्च दामों पर कच्चा तेल खरीद रही हैं। ब्रेंट क्रूड हाल ही में $119 प्रति बैरल तक पहुंच चुका था।

देश के कुछ हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और “नो स्टॉक” के बोर्ड दिखाई दे रहे हैं, लेकिन सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने ग्राहकों को आश्वस्त किया कि पेट्रोल, डीजल और LPG की आपूर्ति पूरी तरह से उपलब्ध है। सरकार ने अफवाहों से आगाह करते हुए लोगों से जमाखोरी न करने और सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।

इससे पहले नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपये और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की थी। कंपनी ने इनपुट लागत में वृद्धि को इसका कारण बताया। नायरा एनर्जी देशभर में 6,967 पेट्रोल पंप संचालित करती है।

केंद्र सरकार के इस कदम से पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें फिलहाल स्थिर रहेंगी, जबकि अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद देश में ईंधन की उपलब्धता बनी रहेगी।