उत्तराखंड में एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित दौरे को लेकर हलचल तेज हो गई है। हालांकि अभी आधिकारिक कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री इस महीने के अंत या जून के पहले सप्ताह में टिहरी गढ़वाल का दौरा कर सकते हैं। इस दौरान टिहरी बांध की 1000 मेगावाट क्षमता वाली पंप स्टोरेज प्लांट (PSP) परियोजना के लोकार्पण की संभावना जताई जा रही है।
यह कार्यक्रम टिहरी झील के किनारे कोटीकॉलोनी में प्रस्तावित जनसभा के साथ आयोजित किया जा सकता है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और टीएचडीसी ने तैयारियां तेज कर दी हैं और संभावित सुरक्षा व व्यवस्थाओं पर काम शुरू हो गया है।
टिहरी बांध पहले से ही 1000 मेगावाट और कोटेश्वर बांध 400 मेगावाट बिजली उत्पादन कर रहे हैं। नई पंप स्टोरेज परियोजना के जुड़ने से कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर लगभग 2400 मेगावाट तक पहुंच जाएगी।
करीब 8 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह परियोजना देश की पहली वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज परियोजना मानी जा रही है, जो बिजली की मांग के अनुसार उत्पादन को नियंत्रित करने में सक्षम होगी। ऊर्जा क्षेत्र के लिए इसे एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, पहले इस परियोजना का लोकार्पण 14 अप्रैल को प्रस्तावित था, लेकिन बाद में कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। उसी दौरान प्रधानमंत्री ने टिहरी आने की इच्छा भी जताई थी।
इधर, स्थानीय स्तर पर भी गतिविधियां तेज हैं। विधायक किशोर उपाध्याय ने देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर प्रधानमंत्री को टिहरी आने का औपचारिक निमंत्रण दिया है। माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान बांध प्रभावितों की समस्याओं, रायल्टी से जुड़े मुद्दों और मेडिकल कॉलेज निर्माण जैसे विषयों पर भी अहम घोषणाएं हो सकती हैं।