तबादला नीति बदली तो कर्मचारियों में खुशी! दुर्गम क्षेत्रों से ट्रांसफर होगा आसान

8
खबर शेयर करें -

उत्तराखंड में अब दुर्गम (पहाड़ी) क्षेत्रों से सुगम क्षेत्रों में कर्मचारियों के तबादले कुछ शर्तों के साथ किए जा सकेंगे। यदि किसी कर्मचारी के स्थान पर प्रतिस्थानी उपलब्ध नहीं है, लेकिन उससे विभागीय कामकाज प्रभावित नहीं हो रहा है, तो ऐसे मामलों में कर्मचारी को कार्यमुक्त कर तबादला किया जा सकेगा। इस संबंध में शासन ने संशोधित आदेश जारी किए हैं।

प्रदेश में इस समय तबादला एक्ट 2017 के तहत स्थानांतरण प्रक्रिया जारी है। नए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि व्यावहारिक बाधा न होने की स्थिति में दुर्गम क्षेत्रों से सुगम क्षेत्रों में तबादले प्राथमिकता के आधार पर किए जाएंगे।

इसके साथ ही समूह ‘ग’ और ‘घ’ के कर्मचारियों को उनके गृह जिलों में तैनाती की अनुमति दी गई है।

शासन ने यह भी व्यवस्था की है कि गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारी और दिव्यांग कर्मचारी अनिवार्य तबादलों से मुक्त रहेंगे। गंभीर रोग की स्थिति में कर्मचारी स्वयं, उनके पति या पत्नी, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे तथा माता-पिता शामिल होंगे।

इसके अलावा सैनिक और अर्धसैनिक बलों में कार्यरत कार्मिकों को भी अनिवार्य स्थानांतरण से छूट दी गई है।

माता-पिता, सास-ससुर या 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के गंभीर रूप से बीमार होने की स्थिति में कर्मचारियों के अनुरोध पर स्थानांतरण पर विचार किया जाएगा।

यदि किसी विभाग को तबादला नीति में कोई विशेष छूट या संशोधन करना है, तो उसे मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा।