हल्द्वानी। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण की बैठक गुरूवार को सर्किट हाउस काठगोदाम में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिला विकास प्राधिकरण अध्यक्ष व मंडलायुक्त दीपक रावत ने की। बैठक में लैंड यूज, पुनर्निर्माण, पर्यटन एवं रोजगार से जुड़े प्रकरणों पर विचार किया गया और कई प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
बैठक में आयुक्त दीपक रावत ने निर्देश दिए कि पर्वतीय क्षेत्रों में वाणिज्यिक भवनों की स्वीकृति केवल तब दी जाएगी जब भू-स्वामी रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से स्थापित करें और निर्माण से पूर्व उसकी निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि इससे जल संरक्षण बढ़ेगा और स्थानीय जलस्रोतों पर दबाव कम होगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में सरकारी/नजूल भूमि का चिन्हांकन कर गरीब लोगों के लिए कम लागत वाले आवासीय भवन निर्माण हेतु योजनाएं बनाई जाएं। इसके अलावा, भू-स्खलन संभावित क्षेत्रों में भवन निर्माण की स्वीकृति केवल संयुक्त सर्वे और भू-वैज्ञानिक रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद ही दी जाएगी।
बैठक में यह भी संज्ञान में आया कि रामगढ़, भीमताल आदि क्षेत्रों में 60 वर्गमीटर के आवासीय प्लॉट पर एक ही परिवार के सभी सदस्यों द्वारा भवन निर्माण आवेदन किए जा रहे हैं। आयुक्त ने कहा कि एक परिवार में केवल एक सदस्य को आवासीय स्वीकृति दी जाएगी और नियमों की अवहेलना पर वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
नैनीताल शहर में पुराने भवन के पुनर्निर्माण के आवेदन पर यह निर्णय लिया गया कि स्वीकृति पुराने भवन के डाइमेंशन के अनुसार ही दी जाए और निर्माण से पूर्व क्षतिग्रस्त भवन की फोटो अवलोकन अनिवार्य हो। साथ ही, हाल ही में प्राधिकरण में शामिल क्षेत्रों में 6 माह से पहले निर्माणाधीन भवनों के नक्शों को बिना किसी जुर्माने स्वीकृति दी गई।
बैठक में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु होटल, रेस्टोरेंट, मोटल और ज़िपलाइन संचालन के आवेदनों को नियमानुसार स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा, नैनीताल से भवाली रोड के मध्य सार्वजनिक शौचालय और महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों हेतु आउटलेट तथा हल्द्वानी से ज्योलिकोट मार्ग में सार्वजनिक शौचालय निर्माण के प्रस्ताव भी प्राधिकरण को तैयार कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत मानचित्रों के अनुरूप ही भूखण्ड में निर्माण सुनिश्चित किया जाए और इसके लिए नियमित स्थलीय निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में कार्यस्थल पर चल रहे निर्माण कार्यों की रिपोर्ट और फोटोग्राफ प्रस्तुत किए जाएं।
बैठक में उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण/जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, सचिव विजय नाथ शुक्ल, संयुक्त सचिव गोपाल सिंह चौहान, मुख्य कोषाधिकारी कमलेश भंडारी, बोर्ड सदस्य धीरज कुमार पांडे, गणेश भट्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



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