वेतन संकट पर कुमाऊं आयुक्त सख्त, 50 कर्मचारियों की परेशानी का लिया संज्ञान

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हल्द्वानी। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में कार्यरत वाइटल रेडियोलॉजी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिलने के मामले में कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। उन्होंने नगर आयुक्त हल्द्वानी को मामले में शीघ्र कार्रवाई करते हुए सभी प्रभावित कर्मचारियों का लंबित वेतन जल्द से जल्द दिलाने के निर्देश दिए हैं।

कर्मचारियों ने कुमाऊं आयुक्त को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वे आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन कंपनी प्रबंधन की ओर से अप्रैल, मई और जून 2026 का वेतन अब तक जारी नहीं किया गया है। लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

कर्मचारियों का कहना है कि वेतन के अभाव में बच्चों की शिक्षा, घर के दैनिक खर्च और चिकित्सा जैसी जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करना भी कठिन हो गया है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा कुसुमखेड़ा स्थित सेंटर को भी बंद कर दिया गया है, जिससे कर्मचारियों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।

शिकायत में कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वेतन की मांग करने पर उनका मानसिक उत्पीड़न किया जाता है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें नौकरी से निकालने और अन्य परिणाम भुगतने की धमकियां भी दी जाती हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी कंपनी प्रबंधन को मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।

शिकायत के अनुसार वेतन प्रभावित कर्मचारियों में 10 चिकित्सक, 10 फार्मासिस्ट, 10 स्टाफ नर्स, 10 मल्टी पर्पज वर्कर (एमपीडब्ल्यू) और 10 सफाई कर्मचारी शामिल हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने तत्काल नगर आयुक्त हल्द्वानी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कर्मचारियों का लंबित वेतन शीघ्र भुगतान कराने के साथ ही बंद किए गए कुसुमखेड़ा सेंटर को दोबारा संचालित कराने के संबंध में भी कार्रवाई करने को कहा है। आयुक्त के निर्देश के बाद प्रभावित कर्मचारियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगी है।