देशभर में जिस मानसून का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, वह आखिरकार केरल की तटरेखा पर पहुंच गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को इसकी आधिकारिक पुष्टि की, जिससे भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के आगमन के साथ ही केरल में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है और आने वाले दिनों में वर्षा की तीव्रता और बढ़ सकती है। यह दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रवेश बिंदु माना जाता है, जिसके आगे बढ़ने की दिशा पूरे देश के मौसम का संकेत देती है।
IMD ने चेतावनी जारी करते हुए राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। अलपुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर और मलप्पुरम जैसे जिलों को बुधवार और गुरुवार के लिए ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है। वहीं पठानमथिट्टा और कोझिकोड में भी गुरुवार को तेज बारिश की संभावना के चलते अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि कुछ स्थानों पर 11 से 20 सेंटीमीटर तक भारी बारिश हो सकती है, जिससे शहरी क्षेत्रों में जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। इसके मद्देनज़र आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है और निगरानी बढ़ा दी गई है।
इसके अलावा राज्य के कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट भी जारी किया गया है, जिससे व्यापक स्तर पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। समुद्र तटीय इलाकों में तेज हवाओं और खराब मौसम की चेतावनी भी दी गई है, जिसके चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
मानसून की शुरुआत के साथ ही केरल में प्री-मानसून तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। नालों, नहरों और जल निकासी व्यवस्था की सफाई कर बाढ़ के खतरे को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। भीषण गर्मी के बाद अब राज्य में मानसून की पहली बड़ी बारिश मौसम का मिजाज बदलने जा रही है, जो न केवल राहत लेकर आएगी बल्कि देश की कृषि व्यवस्था और जल संसाधनों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।



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