उत्तराखंड सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारी में है। इस बीच महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मुख्य सचिव आनंद बर्धन को पत्र लिखकर प्रदेश के बजट का कम से कम 30 फीसदी हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित करने का सुझाव दिया है।
पत्र में मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि जेंडर बजटिंग (Gender Budgeting) के जरिए सभी योजनाओं और कार्यक्रमों में जेंडर संवेदनशील दृष्टिकोण को शामिल किया जाना चाहिए, क्योंकि उनका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रभाव महिलाओं और बालिकाओं के जीवन पर पड़ता है।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले पांच वर्षों में उत्तराखंड में जेंडर बजटिंग का हिस्सा लगातार बढ़ा है। 2021-22 में यह 12% था, 2022-23 में 13.77%, 2023-24 में 14%, 2024-25 में 16%, और वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल बजट का लगभग 17% जेंडर बजट के तहत रखा गया।
रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश में दो दशक से जेंडर बजटिंग की व्यवस्था है, लेकिन महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरण और आर्थिक-सामाजिक मजबूती के लिए और अधिक धन की जरूरत है। इसलिए उन्होंने सुझाव दिया कि आगामी बजट में महिला केंद्रित योजनाओं के लिए 30 फीसदी धनराशि आरक्षित की जाए और हर विभाग में इस नीति का पालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाओं को सही मायनों में सशक्त बनाने के लिए ज्यादा धन की आवश्यकता है। आगामी बजट में महिला केंद्रित योजनाओं के लिए 30 फीसदी धनराशि आरक्षित की जानी चाहिए।



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