पत्रकारों की आंदोलन की चेतावनी के बाद झुका प्रशासन, नाजिर का ट्रांसफर

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उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के लक्सर में पत्रकार संगठन और तहसील के नाजिर के बीच चल रहा विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। पत्रकारों की मांग पर जिलाधिकारी ने संबंधित कर्मचारी का तबादला कर दिया है। कार्रवाई के बाद पत्रकार संगठन ने प्रशासन का आभार जताया है।

मामला 22 मई का बताया जा रहा है, जब लक्सर तहसील में तैनात नाजिर खुशहाल सिंह रावत पर पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगे थे। घटना के बाद पत्रकार संगठनों में भारी नाराजगी फैल गई थी और आरोपी कर्मचारी को तुरंत हटाने की मांग उठी थी।

पत्रकार संगठन ने चेतावनी दी थी कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो 29 मई से आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस आंदोलन को लक्सर विधायक मोहम्मद शहजाद, खानपुर विधायक उमेश शर्मा और पूर्व भाजपा विधायक संजय गुप्ता समेत कई सामाजिक और व्यापारिक संगठनों का समर्थन भी मिल गया था। बार एसोसिएशन और व्यापार मंडल ने भी पत्रकारों के पक्ष में आवाज उठाई थी।

विवाद को सुलझाने के लिए 26 मई को एसडीएम स्तर पर दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराने की कोशिश की गई, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन बैकफुट पर आ गया।

27 मई को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कार्रवाई करते हुए नाजिर खुशहाल सिंह रावत का लक्सर तहसील से भगवानपुर तहसील में तबादला कर दिया। फैसले के बाद पत्रकार संगठनों ने संतोष जताया और समर्थन देने वाले सभी संगठनों का धन्यवाद किया।

लक्सर प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रवीण सैनी ने कहा कि जिलाधिकारी ने मामले का गंभीरता से संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई की है, जिसके लिए सभी पत्रकार उनकी सराहना करते हैं। वहीं व्यापार मंडल अध्यक्ष अजय वर्मा ने कहा कि यदि अधिकारियों द्वारा पत्रकारों के साथ अभद्रता की जाती है तो आम जनता के साथ व्यवहार का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की इस कार्रवाई से समाज में सकारात्मक संदेश गया है।