उत्तराखंड राज्य स्तरीय एसडीजी अचीवर्स अवार्ड समारोह अल्मोड़ा स्थित उदय शंकर नृत्य एवं संगीत अकादमी में बुधवार को आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में वर्ष 2025 के लिए 32 संस्थानों, संगठनों, व्यक्तियों और समूहों को उनके नवाचारी एवं सतत विकास संबंधी कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। वहीं, जिला स्तरीय एसडीजी वार्षिक रैंकिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छह जनपदों को भी पुरस्कृत किया गया, जिनमें नैनीताल भी शामिल रहा। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल को मुख्यमंत्री ने सम्मानित कर बधाई दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह अवसर उन लोगों और संस्थाओं को सम्मान देने का है जिन्होंने समाजहित में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि इन कर्मयोगियों ने अपने समर्पण, मेहनत और संकल्प से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की दिशा में योगदान देने वाले 32 औद्योगिक संस्थानों को सम्मानित किया गया है। इन संस्थानों ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत और मजबूत इरादों से असाधारण उपलब्धियां हासिल कर मिसाल पेश की है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के सामने हर वर्ष कई चुनौतियां आती हैं, लेकिन पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बनाकर ही स्थायी विकास संभव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2030 तक एसडीजी लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नीति आयोग के एसडीजी इंडिया इंडेक्स में कभी उत्तराखंड 10वें स्थान पर था, जबकि अब राज्य देश में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार अभी भी कई क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने के लिए तेजी से प्रयास कर रही है। सुशासन, गरीब कल्याण, सीमांत क्षेत्रों के विकास और बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एसडीजी में पहला स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड विकास की सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के निर्माण में राज्य अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की जीडीपी में 7.23 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति आय में 4.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी आई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन है।
उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में उद्योग, स्टार्टअप, हेलीकॉप्टर सेवा, हाईवे निर्माण, ग्रीन एनर्जी और बिजली उत्पादन के क्षेत्र में हुए विकास के कारण राज्य में रिवर्स पलायन बढ़ा है। अब लोग अपने गांवों की ओर लौटकर स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के माध्यम से प्रदेश के विकास में योगदान दे रहे हैं। जिला स्तरीय एसडीजी वार्षिक रैंकिंग में रुद्रप्रयाग को पहला स्थान मिला। उत्तरकाशी और नैनीताल संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे, जबकि बागेश्वर, चमोली और टिहरी को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।



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