उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद बंद मालदेवता-सेरकी-सिल्ला-भैंसवाड़ा मोटर मार्ग को खोलने पहुंची सरकारी टीम और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया। मलबा हटाने के दौरान हुए विवाद में पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों के साथ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के आधार पर राजधानी देहरादून की रायपुर थाना पुलिस ने चार नामजद समेत अन्य ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
बताया गया कि 28 जुलाई की सुबह करीब 10:50 बजे उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी की टीम जेसीबी लेकर मालदेवता-सेरकी-सिल्ला-भैंसवाड़ा मोटर मार्ग पर पहुंची थी। भारी बारिश के कारण मार्ग पर मलबा आने से यातायात बाधित था। टीम सड़क से मलबा हटाकर मार्ग खोलने का काम कर रही थी। इसी दौरान कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों से उनकी बहस हो गई।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राम प्रधान श्याम सिंह पयाल, सुरेश जबाड़ी, पंवार हार्डवेयर, रतन हार्डवेयर से जुड़े लोगों और अन्य ग्रामीणों ने कर्मचारियों के साथ अभद्रता करते हुए सरकारी काम रुकवा दिया। आरोप है कि कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई और उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए खाई में धकेलने का प्रयास भी किया गया।
विवाद के दौरान वाहन चालक ऋतिक, नितिन चौहान और अमित जटोदिया के घायल होने की बात कही गई है। शिकायत के मुताबिक नितिन चौहान की हाथ की एक उंगली भी टूट गई। मामले की सूचना जिला आपदा केंद्र और एसडीएम देहरादून को दी गई।
पीएमजीएसवाई अधिकारी नितिन चौहान की शिकायत पर रायपुर पुलिस ने ग्राम प्रधान श्याम सिंह पयाल, सुरेश जबाड़ी, पंवार हार्डवेयर, रतन हार्डवेयर से जुड़े लोगों और अन्य ग्रामीणों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 121(1), 132, 351(2) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक दीपक सिंह पंवार को सौंपी गई है।
रायपुर थाना प्रभारी संजीत कुमार के मुताबिक, मामले में सामने आए तथ्यों, वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उधर, ग्रामीणों ने सरकारी कर्मचारियों पर लगाए गए आरोपों को लेकर अपनी नाराजगी की वजह भी बताई है। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग बंद होने की सूचना विभाग को काफी पहले दे दी गई थी, लेकिन अधिकारी और कर्मचारी काफी देर बाद मौके पर पहुंचे। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा और उनमें आक्रोश था। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।



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