रविदास जयंती के बाद बवाल: फायरिंग में दो युवकों की मौत

7
खबर शेयर करें -

हरिद्वार जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिनारसी गांव में संत रविदास जयंती के अवसर पर आयोजित शोभायात्रा के बाद हिंसा भड़क उठी। प्रसाद वितरण के दौरान एक ही पक्ष के दो गुटों के बीच हुए विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। पहले पत्थरबाजी और फिर फायरिंग हुई, जिसमें दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना रविवार 1 फरवरी की है। जानकारी के अनुसार शोभायात्रा शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद प्रसाद वितरण के समय किसी बात को लेकर दो गुट आमने-सामने आ गए। कहासुनी के बाद दोनों पक्षों में जमकर पत्थरबाजी हुई और फिर फायरिंग शुरू हो गई। इस दौरान 28 वर्षीय आनंद पुत्र लक्ष्मीकांत को गोली लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसके भाई विकास (25 वर्ष) और योगेंद्र (27 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए।

वहीं दूसरे गुट के युवक मांगेराम भी गोली लगने से घायल हो गए थे। सभी घायलों को उपचार के लिए रुड़की सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात उपचार के दौरान मांगेराम ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह फायरिंग की इस घटना में दो लोगों की मौत हो चुकी है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने शव उठाने का विरोध किया। बाद में कई थानों की पुलिस और पीएसी बुलानी पड़ी। पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। दोनों पक्षों की ओर से तहरीर ली जा रही है और उसके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने अब तक 40 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। एक पक्ष की ओर से आठ लोगों के खिलाफ हत्या, बलवा और आगजनी का मुकदमा दर्ज कराया गया है, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से 18 लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।