देहरादून से दिल्ली तक उठा ऑडियो विवाद, सीएम धामी का सख्त संदेश– दोषी कोई नहीं बचेगा

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना वीबी जी राम जी (विकसित भारत–जी राम जी) अधिनियम और अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर अपनी बात रखी।

अंकिता भंडारी मामले पर सीएम धामी ने कहा कि यह एक अत्यंत हृदयविदारक घटना थी। सरकार ने घटना के तुरंत बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की गई। महिला आईपीएस अधिकारी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित कर पारदर्शी जांच कराई गई, जिसके चलते आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा मिली।

सीएम धामी ने कहा कि हाल ही में सामने आए ऑडियो क्लिप की जांच के लिए भी एसआईटी गठित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी दोषी होगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने ऑडियो को लेकर चल रहे विवाद पर सवाल उठाते हुए कहा कि कहीं इसके पीछे कोई षड्यंत्र तो नहीं है।

विरोध प्रदर्शन और अलग-अलग बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट है और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर कार्रवाई की गई है।

प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री ने वीबी जी राम जी अधिनियम की जानकारी देते हुए कहा कि यह सिर्फ मनरेगा का नाम बदलना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। अधिनियम के तहत साप्ताहिक वेतन भुगतान, महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान, पारदर्शिता और नई तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि हिमालयी राज्यों के लिए 90 प्रतिशत धनराशि केंद्र और 10 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। इस योजना के तहत ग्रामीण विकास, जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन और रोजगार सृजन को मजबूती मिलेगी। कुल 1.51 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है, जो पहले की तुलना में काफी अधिक है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, विधायक दिलीप रावत और प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार भी मौजूद रहे।