हाई-प्रोफाइल कत्ल: गैस एजेंसी, संपत्ति और रिश्तों के टकराव का खौफनाक अंजाम

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उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की तिब्बती मार्केट में दिनदहाड़े हुई गैस एजेंसी मालिक अर्जुन शर्मा की हत्या मामले में नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। दो बदमाशों ने सरेआम गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। हालांकि दून पुलिस ने घटना के 12 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आ रहा है कि इस हत्याकांड के पीछे पारिवारिक और कारोबारी विवाद की लंबी पृष्ठभूमि रही है।

अर्जुन शर्मा के पिता कर्नल आरसी शर्मा सेना में तैनाती के दौरान शहीद हुए थे। उनके बलिदान के बाद केंद्र सरकार ने परिवार की आजीविका के लिए उनकी पत्नी बीना शर्मा को गैस एजेंसी आवंटित की थी। यही एजेंसी समय के साथ परिवार के भीतर मतभेद का कारण बन गई। मां और बेटे के बीच विवाद बढ़ता गया और मामला पुलिस तथा अदालत तक पहुंच गया।

जानकारी के मुताबिक, गैस एजेंसी के नाम पर बैंक ऑफ बड़ौदा से करीब चार करोड़ रुपये का लोन लिया गया था, जिसमें अर्जुन शर्मा गारंटर थे। इसके अलावा अन्य लोगों से भी बड़ी रकम के लेनदेन की बात सामने आई है। प्रॉपर्टी कारोबारी विनोद उनियाल और उनकी पत्नी संगीता उनियाल के साथ वित्तीय संबंधों को लेकर भी विवाद बताया जा रहा है। इन लेनदेन को लेकर अर्जुन और उनकी मां के बीच लंबे समय से तनाव था।

वर्ष 2024 में बीना शर्मा ने अपने बेटे के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद 2025 में अर्जुन शर्मा ने अपनी मां, विनोद उनियाल और संगीता उनियाल पर धोखाधड़ी सहित विभिन्न आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। बीना शर्मा ने हाईकोर्ट से सुरक्षा आदेश भी लिया था, जिसके तहत पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी।

बताया जा रहा है कि जीएमएस रोड स्थित एक कीमती संपत्ति को डॉ. अजय खन्ना को बेच दिया गया था। इस सौदे को लेकर भी कानूनी विवाद चल रहा था और मामला सिविल कोर्ट में विचाराधीन था।

एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों शूटरों से पूछताछ जारी है। वहीं, मृतक की पत्नी की शिकायत के आधार पर विनोद उनियाल, संगीता उनियाल और डॉ. अजय खन्ना के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आर्थिक, पारिवारिक और संपत्ति विवाद—सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।