केदारनाथ धाम में कपाटोद्घाटन, भक्तिमय माहौल में शुरू हुई यात्रा

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उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के तहत केदारनाथ मंदिर के कपाट बुधवार सुबह शुभ मुहूर्त में विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा धाम “हर-हर महादेव” और “जय बाबा केदार” के जयघोषों से गूंज उठा। इस पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे और इस दिव्य क्षण के साक्षी बने।

राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी पत्नी के साथ धाम पहुंचे और विशेष पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि केदारनाथ सहित चारधाम उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान हैं और सरकार तीर्थयात्रियों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि यात्रा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

कपाट खुलने के साथ ही यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली पूजा संपन्न हुई। साथ ही उनका संदेश भी पढ़ा गया, जिसमें उन्होंने श्रद्धालुओं से पांच संकल्प अपनाने की अपील की—स्वच्छता बनाए रखना, पर्यावरण संरक्षण, सेवा और सहयोग की भावना, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और यात्रा नियमों का पालन करना।

पूरे मंदिर परिसर को करीब 51 कुंतल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कपाट खुलने के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिससे माहौल और भी दिव्य हो गया।

इससे पहले बाबा केदार की पंचमुखी डोली ओंकारेश्वर मंदिर से रवाना होकर 17 किलोमीटर की कठिन यात्रा तय करते हुए केदारनाथ धाम पहुंची। जंगलचट्टी, रामबाड़ा, लिनचोली और बेस कैंप होते हुए केदारपुरी पहुंची इस डोली का श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया। मंदिर की परिक्रमा के बाद डोली को भंडार गृह में स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना की गई।

पूरे आयोजन के दौरान 8वीं सिखलाई रेजीमेंट के बैंड और डमरू की गूंज से वातावरण शिवमय बना रहा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जहां पुलिस और आईटीबीपी के जवान मुस्तैदी से तैनात रहे। इस अवसर पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, पुजारी टी. गंगाधर लिंग, केदारसभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, जिलाधिकारी एवं बीकेटीसी मुख्य कार्य अधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।