पुलिस में बड़ा फेरबदल: 50 से ज्यादा इंस्पेक्टर और दारोगाओं का तबादला

10
खबर शेयर करें -

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस महकमे में एक बड़ा और व्यापक प्रशासनिक फेरबदल किया गया है, जिसने पूरे जिले की कानून व्यवस्था को लेकर नई हलचल पैदा कर दी है। प्रमेंद्र डोबाल, जो हाल ही में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के रूप में तैनात हुए हैं, ने देर रात एक साथ 54 पुलिस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस कार्रवाई को जिले की बिगड़ती कानून व्यवस्था को सुधारने और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक सख्त कदम माना जा रहा है।

इस बड़े स्तर के ट्रांसफर में 6 निरीक्षक, 40 उपनिरीक्षक (दारोगा) और 8 महिला उपनिरीक्षक शामिल हैं। खास बात यह है कि कई महत्वपूर्ण थानों और चौकियों के प्रभारी बदले गए हैं, जिससे साफ संकेत मिलता है कि पुलिस नेतृत्व जमीनी स्तर पर बदलाव लाकर बेहतर नियंत्रण स्थापित करना चाहता है।

निरीक्षक स्तर पर कई अहम थानों की कमान बदली गई है। प्रदीप रावत को राजपुर से सहसपुर, शंकर सिंह बिष्ट को सहसपुर से कैंट, और कमल कुमार लुंठी को कैंट से डोईवाला भेजा गया है। वहीं, कुछ अधिकारियों को पुलिस कार्यालय और विशेष इकाइयों जैसे एसओजी और एएनटीएफ में तैनात किया गया है। इन बदलावों का उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करना है।

सबसे ज्यादा असर उपनिरीक्षक स्तर पर देखने को मिला, जहां 40 दारोगाओं के कार्यक्षेत्र बदले गए। कई अधिकारियों को थानाध्यक्ष और चौकी प्रभारी बनाया गया है। उदाहरण के तौर पर, शैंकी कुमार को बसंत विहार का थानाध्यक्ष बनाया गया, जबकि संदीप कुमार को एसओजी नगर की जिम्मेदारी दी गई।

राजपुर, सेलाकुई, रायपुर, नेहरू कॉलोनी, डालनवाला, प्रेमनगर, रायवाला और चकराता जैसे थानों में भी बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं। चौकी स्तर पर भी फेरबदल करते हुए आईएसबीटी, जाखन, लक्कीबाग, मालदेवता, नालापानी और लालतप्पड़ जैसी चौकियों पर नए प्रभारी नियुक्त किए गए हैं।

महिला पुलिस अधिकारियों को भी इस फेरबदल में शामिल किया गया है। कुसुम पुरोहित, रजनी चमोली, शशि, मेघा, नीमा, दीपशिखा, विनीता बेलवाल और ज्योति जैसी महिला उपनिरीक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन्हें कोतवाली नगर, रायपुर, रायवाला, सेलाकुई और रानीपोखरी जैसे थानों में तैनात किया गया है, जिससे महिला सुरक्षा और संबंधित मामलों में पुलिस की मजबूती बढ़ने की उम्मीद है।

सूत्रों के मुताबिक, प्रमेंद्र डोबाल ने जिले की कानून व्यवस्था की मौजूदा स्थिति की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया। कई क्षेत्रों में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और पुलिसिंग में ढिलाई की शिकायतें सामने आ रही थीं। ऐसे में यह सामूहिक तबादला एक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है कि अब प्रदर्शन के आधार पर जिम्मेदारियां तय होंगी।

एसएसपी ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बिना देरी किए अपने नए तैनाती स्थल पर पहुंचकर कार्यभार संभालें। इससे साफ है कि प्रशासन इस बदलाव को तुरंत प्रभाव में लाना चाहता है।