केदारताल हिमस्खलन हादसा: दो पर्वतारोहियों के शव बरामद, छह अब भी लापता

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उत्तराखंड के केदारताल ट्रेक पर हिमस्खलन की चपेट में आकर लापता हुए आठ लोगों में से दो के शव बरामद कर लिए गए हैं। मंगलवार को चलाए गए सघन सर्च अभियान के दौरान रेस्क्यू टीम को एक महिला और एक पुरुष पर्वतारोही का शव मिला। हालांकि, अभी छह अन्य लापता लोगों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, बर्फबारी और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू टीमें लगातार उनकी तलाश में जुटी हैं। बुधवार को दोबारा सर्च अभियान चलाया जाएगा।

उत्तरकाशी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे एसडीआरएफ, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) और अन्य रेस्क्यू एजेंसियों ने केदारताल क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया। कई घंटे की मशक्कत के बाद टीम को एक महिला और एक पुरुष का शव बरामद हुआ। दोपहर करीब तीन बजे तक अभियान चलाने के बाद रेस्क्यू टीम बेस कैंप लौट आई। बरामद शवों की पहचान की पुष्टि नहीं हो सकी है।

लापता लोगों में पश्चिम बंगाल के तपस बाउरी (30), रतन घोष (23), मनोज खोवास (39), रिंटू मंडल (40) और उदय घोष (30), उत्तर प्रदेश की वर्तिका वर्मा (28) और दीपिका वर्मा (29) तथा उत्तरकाशी निवासी स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा (25) शामिल हैं। रेस्क्यू अभियान को गति देने के लिए घटनास्थल के समीप समुद्रतल से करीब 4005 मीटर की ऊंचाई पर वैकल्पिक हेलीपैड भी चिह्नित किया गया है। इससे हेलीकॉप्टर के माध्यम से बचाव दल और जरूरी उपकरणों को घटनास्थल के नजदीक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

जानकारी के अनुसार 27 अक्टूबर को सात ट्रेकर्स और छह सहयोगी कर्मचारियों सहित 13 सदस्यीय दल गंगोत्री से केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था। एक कुक अगले दिन गंगोत्री लौट आया था और दल के अन्य सदस्यों को 29 अक्टूबर तक वापस पहुंचना था, लेकिन खराब मौसम के कारण वे फंस गए। 30 अक्टूबर को रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया था। इस दौरान चार हजार मीटर की ऊंचाई पर तीन पोर्टर और एक कुक को सुरक्षित बचाकर कैंप तक पहुंचाया गया था। इसके बाद सात ट्रेकर्स और एक गाइड की तलाश जारी थी। आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं के अनुसार बुधवार को मौसम और परिस्थितियों को देखते हुए दोबारा सर्च अभियान चलाकर शेष छह लापता लोगों की तलाश की जाएगी।