हल्द्वानी। सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार के मामले ने हल्द्वानी में राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। इस मुद्दे पर विधायक सुमित हृदयेश ने प्रेस वार्ता कर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की।
विधायक ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है, लेकिन हाल में जिस प्रकार युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ व्यवहार किया गया, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन निष्पक्षता से कार्य करने के बजाय सत्तापक्ष के दबाव में काम करता प्रतीत हो रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंता का विषय है।
विधायक हृदयेश ने कहा कि मदरसन कंपनी में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शांतिपूर्ण धरना दे रहे कामगारों के समर्थन में पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ताओं—पीयूष जोशी, प्रमुख राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू और छात्र महासंघ अध्यक्ष आशीष कबड़वाल—के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई दमनकारी नीति का उदाहरण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा जनहित के आंदोलनों के साथ खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि निर्दोष लोगों को फर्जी मामलों में फंसाकर उन्हें अपराधी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित सामाजिक कार्यकर्ता हमेशा कानून के दायरे में रहकर कार्य करते रहे हैं और उन्होंने कर्मचारियों को भी शांतिपूर्ण एवं वैधानिक तरीके से अपनी मांग रखने की सलाह दी थी।
विधायक ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सभी फर्जी मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवारों को सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग की गई।
राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू और छात्र नेता आशीष कबड़वाल ने भी पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलनों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है और लोगों को फर्जी मामलों में फंसाने का भय दिखाया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
समाजसेवी पीयूष जोशी की माता पुष्पा जोशी ने भावुक होकर बताया कि उनके पुत्र के साथ मारपीट की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को गंभीर मामलों में फंसाने और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं, जिससे पूरा परिवार भय के माहौल में जी रहा है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल चिमवाल ने भी पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन को निष्पक्ष रहकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्दोष लोगों को न्याय नहीं मिला तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी। प्रेस वार्ता में महिला कांग्रेस महानगर अध्यक्ष मधु सांगूड़ी, पूर्व मंत्री सुहैल सिद्दीकी, ब्लॉक अध्यक्ष मोहन बिष्ट, गिरीश पांडे, दिनेश सांगूड़ी, पूजा पालीवाल, विनीता भट्ट, हिमांशु कबड़वाल, कमल बोरा और मेहुल साह सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में पुलिस के कथित दुर्व्यवहार की निंदा करते हुए शीघ्र न्याय की मांग की।



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