उत्तराखंड शासन ने गंभीर बीमारी, दिव्यांगता और विशेष पारिवारिक परिस्थितियों से जुड़े शिक्षकों के तबादलों को मंजूरी दे दी है। इन मामलों में स्थानांतरण समितियां नियुक्ति प्राधिकारी के स्तर पर कार्रवाई कर सकेंगी। हालांकि अनुरोध के आधार पर दुर्गम से दुर्गम और सुगम से दुर्गम क्षेत्रों में किए जाने वाले तबादले फिलहाल लटक गए हैं।
शासन ने इन तबादलों से संबंधित प्रस्ताव को दोबारा विचार के लिए कार्मिक एवं सतर्कता विभाग को भेजा है। ऐसे में बड़ी संख्या में शिक्षक अब भी अपने तबादलों को लेकर इंतजार कर रहे हैं।
जारी आदेश के अनुसार, स्थानांतरण अधिनियम की धारा 27 के तहत गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, बीमार बच्चों, विधवा, विधुर, तलाकशुदा, परित्यक्ता, आपदा प्रभावित और माता-पिता की गंभीर बीमारी जैसी परिस्थितियों के आधार पर तबादलों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके तहत चार प्रधानाचार्य, 91 प्रवक्ता, 97 सहायक अध्यापक एलटी (गढ़वाल मंडल) और 73 सहायक अध्यापक एलटी (कुमाऊं मंडल) के प्रस्तावों पर स्थानांतरण समितियां निर्णय लेंगी।
वहीं, अनुरोध के आधार पर दुर्गम से दुर्गम और सुगम से दुर्गम क्षेत्रों में स्थानांतरण के मामलों में फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है। शासन का कहना है कि कार्मिक एवं सतर्कता विभाग से परामर्श के बाद इस संबंध में अलग से आदेश जारी किए जाएंगे।
तबादला अधिनियम के तहत स्थानांतरण की अंतिम तिथि पहले 10 जून निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया था। हालांकि शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी होना मुश्किल है। विभाग ने इसके लिए शासन से अतिरिक्त समय मांगा है।
तबादला प्रक्रिया के सामने एक और चुनौती यह है कि शिक्षा विभाग ने अब तक मुख्य निर्वाचन अधिकारी से आवश्यक अनुमति प्राप्त नहीं की है। वर्तमान में राज्य में निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। निर्वाचन अधिकारियों के निर्देश हैं कि इस कार्य से जुड़े किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का तबादला आयोग की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता।
शिक्षा सचिव रविनाथ रामन के अनुसार, जिन तबादला प्रस्तावों को स्थानांतरण समितियों के पास भेजा गया है, वे पिछले वर्ष के लंबित प्रस्ताव हैं। इन प्रस्तावों के साथ नए आवेदन भी आमंत्रित किए जाएंगे। साथ ही तबादला प्रक्रिया पूरी करने के लिए शासन से अतिरिक्त समय की मांग की जाएगी।



Subscribe Our Channel











