उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में मंगलवार को उस समय माहौल गरमा गया जब महिला आरक्षण और उससे जुड़े मुद्दों पर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। सत्र की शुरुआत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संबोधन से हुई, लेकिन विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के कारण सदन में लगातार व्यवधान बना रहा।
सीएम धामी ने अपने संबोधन में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने मातृशक्ति वंदना योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, जल जीवन मिशन, उज्ज्वला योजना और लखपति दीदी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।
सीएम धामी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिला हितों से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज किया है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें हर क्षेत्र में अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
सदन के भीतर विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 वर्षों में जेंडर बजट में पांच गुना वृद्धि हुई है और करोड़ों रुपये महिलाओं के कल्याण के लिए प्रावधानित किए गए हैं। उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना और संस्थागत प्रसव में बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया।
इसी दौरान सीएम धामी के एक बयान पर विपक्ष ने तीखी आपत्ति जताई, जिसके बाद सदन में हंगामा और तेज हो गया।
सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा परिसर के बाहर भी विरोध देखने को मिला। कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाति ने किसानों के बकाया भुगतान और अन्य मुद्दों को लेकर गन्ने से भरी ट्रॉली पलटकर अनोखा प्रदर्शन किया, जिससे परिसर में हलचल मच गई।
महिला आरक्षण और लोकतांत्रिक अधिकारों पर चर्चा के लिए बुलाए गए इस विशेष सत्र में सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली।



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