गजब व्यवस्था! बारिश में भीगते हुए स्कूल पहुंचे बच्चे, पहुंचने के बाद पता चला आज छुट्टी है

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उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। भारी बारिश के कारण जिले में पीएमजीएसवाई की 15 सड़कें मलबा और बोल्डर गिरने से बंद हो गई हैं। सड़कें बंद होने से कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है और ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, धारचूला-तवाघाट और तवाघाट-गुंजी जैसे सीमांत मार्ग मलबा आने से बाधित हुए थे, जिन्हें मंगलवार को यातायात के लिए खोल दिया गया। वहीं, तवाघाट-थानीधार, समकोट-डोकुला, मदकोट-बोना समेत कई ग्रामीण सड़कें अभी भी प्रभावित हैं। डीडीहाट और धारचूला क्षेत्र की कई पीएमजीएसवाई सड़कें भी मलबा आने से बंद चल रही हैं।

धारचूला क्षेत्र में कालिका-खुमती सड़क पिछले पांच दिनों से बंद है। सड़क कटने और मलबा आने के कारण खुमती ग्राम पंचायत के कई गांवों की करीब 1500 की आबादी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने जल्द सड़क खोलने की मांग की है।

प्रशासन की ओर से बंद मार्गों को खोलने के लिए मशीनें लगाई गई हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने बताया कि बारिश के कारण कार्य में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन सभी बंद सड़कों को जल्द खोलने का प्रयास किया जा रहा है।

वहीं, लगातार बारिश को देखते हुए बेरीनाग और गंगोलीहाट विकासखंड में कक्षा 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया। हालांकि आदेश देर से पहुंचने के कारण कई छात्र और शिक्षक स्कूल पहुंच चुके थे, जिसके बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा।

स्थानीय अभिभावकों ने प्रशासन से मौसम खराब होने की स्थिति में अवकाश की सूचना समय पर जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में दूरदराज के गांवों से बच्चे कई किलोमीटर की दूरी तय कर स्कूल पहुंचते हैं, ऐसे में देरी से जारी आदेशों से उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है।