चारधाम जाने से पहले जान लें ये अलर्ट, अगले 48 घंटे पड़ सकते हैं भारी

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उत्तराखंड में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे हिल स्टेशनों का मौसम सुहावना हो गया है। हालांकि मौसम विभाग ने 12 और 13 मई को राज्य के कई हिस्सों, खासकर पर्वतीय जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

आयुक्त ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि 12 और 13 मई को मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए यात्रा कार्यक्रम सावधानीपूर्वक बनाएं। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो मौसम सामान्य होने के बाद यात्रा करना अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक रहेगा।

राज्य सरकार ने भी साफ किया है कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी जरूरी तैयारियां की गई हैं। संबंधित विभागों को सतर्क रहने और आपात स्थिति से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।

देहरादून मौसम केंद्र के अनुसार आज उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गर्जन होने की संभावना है। वहीं 4500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुमान जताया गया है। मैदानी क्षेत्रों में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग ने पहाड़ी जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट भी जारी किया है।

गौरतलब है कि चारधाम यात्रा में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में लगातार हो रही बारिश यात्रा मार्गों पर भूस्खलन और मलबा गिरने का खतरा बढ़ा सकती है। कई बार मार्ग बाधित होने से यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए विभिन्न पड़ावों पर टीमें तैनात कर दी हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।