होटल मालिक से रिश्वत मांग रहा था फायर अधिकारी, विजिलेंस की ट्रैप टीम ने रंगेहाथ पकड़ा

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उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता विभाग ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पौड़ी जिले के लैंसडाउन स्थित एक होटल की फायर एनओसी जारी करने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में विजिलेंस टीम ने कोटद्वार फायर स्टेशन के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी को गिरफ्तार किया है। बुधवार को हुई कार्रवाई के दौरान अधिकारी को शिकायतकर्ता से 6 हजार रुपये लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया। आरोप है कि अधिकारी ने इस काम के लिए 20 हजार रुपये की मांग की थी।

मामले के अनुसार, लैंसडाउन में होटल संचालित करने वाले एक व्यक्ति ने अपने प्रतिष्ठान की अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) बनवाने के लिए कोटद्वार फायर स्टेशन में आवेदन किया था। आरोप है कि एनओसी जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के एवज में प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी ने उससे 20 हजार रुपये रिश्वत मांगी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने सतर्कता विभाग से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सतर्कता सेक्टर देहरादून ने गोपनीय जांच कराई। प्रारंभिक जांच में शिकायत ट्रैप कार्रवाई के योग्य पाए जाने के बाद थाना सतर्कता सेक्टर देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी को रिश्वत लेते पकड़ने के लिए जाल बिछाया।

बुधवार, 4 नवंबर को ट्रैप टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए कोटद्वार फायर स्टेशन के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी (लीडिंग फायरमैन) भूपेश त्यागी को शिकायतकर्ता से 6 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल सतर्कता विभाग आरोपी अधिकारी के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटा है। इस कार्रवाई के बाद अग्निशमन विभाग में हलचल मच गई है।