हल्द्वानी के मुखानी कोतवाली क्षेत्र में एक अवैध नशा मुक्ति केंद्र की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिसमें एक 17 वर्षीय नाबालिग की हालत नाजुक हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर केंद्र संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार, जया अधिकारी पत्नी आनंद अधिकारी, निवासी त्रिलोक नगर, मुखानी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनका 17 वर्षीय पुत्र नशे की समस्या से जूझ रहा था। इसके उपचार के लिए उसे लगभग दो महीने पहले “संकल्प नशा मुक्ति समिति” में भर्ती कराया गया था। परिवार का कहना है कि जब वे हाल ही में अपने पुत्र से मिलने पहुंचे, तो वह उस समय सामान्य स्थिति में था।
लेकिन उसी दिन बाद में परिवार को सूचना दी गई कि युवक बेहोश हो गया है और उसे तुरंत सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया जाए। अस्पताल पहुंचने पर परिजनों को यह देखकर हैरानी हुई कि नशा मुक्ति केंद्र का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति वहां मौजूद नहीं था। डॉक्टरों ने जांच में पाया कि नाबालिग की किडनी और लीवर गंभीर रूप से प्रभावित हैं और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है, जिसके चलते उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।
मामले की शिकायत के बाद एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच की जिम्मेदारी उप निरीक्षक अविनाश मौर्य को सौंपी गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि संबंधित नशा मुक्ति केंद्र बिना पंजीकरण के संचालित हो रहा था और नाबालिग को अवैध रूप से अपने संरक्षण में रखा गया था, जहां इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई।
इसके आधार पर थाना मुखानी में धारा 125 बीएनएस तथा मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम 2017 की धारा 87/108 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी आयुषी कपिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।


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