उत्तराखंड में मौसम ने ली करवटः आदि कैलाश से ओम पर्वत तक सीजन की पहली बर्फबारी

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उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी है, जिससे तापमान में गिरावट के साथ ठंड बढ़ने लगी है। वहीं, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला भी शुरू हो गया है। व्यास घाटी के आदि कैलाश और ओम पर्वत क्षेत्र में शीतकाल की पहली बर्फबारी हुई है।

नाभीढांग, गुंजी और कुटी समेत 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में शुक्रवार से रुक-रुककर हल्की बर्फबारी के साथ बारिश हो रही है। बर्फबारी के बाद उच्च हिमालयी क्षेत्र में तापमान तेजी से गिरा है और ठंड का असर बढ़ गया है। बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में भी बर्फबारी होने की सूचना है।

केएमवीएन के नाभीढांग स्थित पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक नरेंद्र बिष्ट ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब चार बजे से क्षेत्र में रुक-रुककर हल्की बर्फबारी और बारिश हो रही है। करीब 14 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित नाभीढांग में बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

वहीं, केएमवीएन गुंजी के प्रबंधक होशियार रावत के अनुसार गुंजी क्षेत्र में भी हल्की बर्फबारी और बारिश हो रही है। 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले गांवों में बर्फ गिरने से ठंड बढ़ गई है।

करीब 12,303 फीट की ऊंचाई पर स्थित कुटी गांव के होम स्टे संचालक कुंवर सिंह कुटियाल ने बताया कि आदि कैलाश की चोटियों और आसपास के पहाड़ों पर बर्फबारी हो चुकी है। बारिश और बर्फबारी के बाद पूरे क्षेत्र में ठंड काफी बढ़ गई है।

मौसम में अचानक आए बदलाव को देखते हुए आदि कैलाश यात्रा पर रोक लगाई गई है। इन दिनों व्यास घाटी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं। ऐसे में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

उधर, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम बिगड़ने के करीब एक घंटे बाद धारचूला नगर और आसपास के इलाकों में भी हल्की बारिश शुरू हो गई। शाम होते-होते बारिश ने जोर पकड़ लिया। लगातार बदल रहे मौसम के कारण सीमांत क्षेत्र में तापमान गिरने से ठंड बढ़ गई है।