उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश अब आफत का रूप ले चुकी है। पहाड़ी जिलों में भूस्खलन की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे सड़कों से लेकर रिहायशी और व्यावसायिक भवनों तक पर खतरा मंडरा रहा है। टिहरी गढ़वाल जिले के सुरकंडा के निकट कद्दूखाल में बुधवार शाम हुए भूस्खलन के दौरान एक पुराना भवन भरभराकर ढह गया। घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें इमारत कुछ ही पलों में मलबे में तब्दील होती दिखाई दे रही है।
चम्बा-मसूरी हाईवे (राष्ट्रीय राजमार्ग-707ए) पर स्थित कद्दूखाल में भूस्खलन के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो रेस्टोरेंट, आसपास के खोखे और श्रमिकों की झुग्गियों को खाली करा दिया। प्रशासन की सतर्कता के कारण कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इलाके में बने अन्य भवनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
भूस्खलन के दौरान ढहे पुराने भवन के साथ कई पानी की टंकियां भी खाई में जा गिरीं। वहीं, उसके ऊपर बना एक अन्य भवन भी खतरे की जद में आ गया है। भूस्खलन के कारण उसकी नींव कमजोर पड़ चुकी है और विशेषज्ञों के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि होटल निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के कारण पहाड़ी का हिस्सा कमजोर हो गया, जिसके बाद भूस्खलन हुआ। पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने गुरुवार को देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के अन्य जिलों में भी भारी वर्षा की चेतावनी के साथ येलो अलर्ट लागू है। मौसम विभाग ने गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में 14 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। शुक्रवार के लिए भी पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से संवेदनशील इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।
लगातार बारिश का असर मैदानी इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। हरिद्वार में कई प्रमुख चौराहों पर जलभराव हो गया, जिससे यातायात प्रभावित रहा। भगत सिंह चौक, चंद्राचार्य चौक और सिटी अस्पताल के आसपास दो से तीन फीट तक पानी भर गया। कई दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा, जबकि रेलवे ओवरब्रिज के नीचे जलभराव में एक निजी बस भी फंस गई।



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