मनमानी पर तगड़ा वार! नैनीताल प्रशासन ने एक साथ 34 स्कूलों को घेरा

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नैनीताल जिले में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में की गई छापेमारी और उसके बाद हुई जांच के आधार पर जिले के 34 निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों—उपजिलाधिकारी रामनगर, उपजिलाधिकारी न्यायिक लालकुआं, उपजिलाधिकारी सदर नैनीताल और तहसील प्रशासन कैंची धाम—द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट में कई विद्यालयों में नियमों की अनदेखी सामने आई है, जिसके चलते उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।

नोटिस पाने वाले विद्यालय रामनगर, भवाली, भीमताल, गरमपानी, बिंदुखत्ता और लालकुआं क्षेत्रों में स्थित हैं। इनमें जय मोहन पब्लिक स्कूल, गुड लक पब्लिक स्कूल, मार्डन पब्लिक स्कूल, डीएसबी पब्लिक स्कूल, सेंट जोसफ पब्लिक स्कूल, ग्रीन फील्ड एकेडमी, ग्रेट मिशन पब्लिक स्कूल, ओक बर्ड पब्लिक स्कूल, डीडीसीएम पब्लिक स्कूल, गार्डन वैली पब्लिक स्कूल, शेमरॉक प्री स्कूल, अल्फा मिशन पब्लिक स्कूल, मेहरा पब्लिक स्कूल, दीपक डिवाइन पब्लिक स्कूल, यूएसआर इंदु इंटर कॉलेज, सेंट रूमी पब्लिक स्कूल, लिटिल स्कॉलर्स एकेडमी, सनराइज पब्लिक स्कूल, मदर ग्लोरी पब्लिक स्कूल और श्री गुरु नानक पब्लिक स्कूल सहित कई अन्य स्कूल शामिल हैं।

इसके अलावा भवाली, भीमताल और लालकुआं क्षेत्र के भी कई विद्यालय जैसे एनएल साह प्रोपट्री लर्निंग स्कूल, डी विटो स्कूल, डीएसएस पाल नैनीताल पब्लिक स्कूल, महर्षि विद्या मंदिर, मल्लिकार्जुन स्कूल, वुड ब्रिज स्कूल, आयुष्मान कॉन्वेंट स्कूल, स्कॉलर हेवन स्कूल, एफएस बिष्ट मेमोरियल स्कूल, बीडी जोशी मेमोरियल स्कूल, ग्रीन वुड सीनियर सेकेंडरी स्कूल, एचसीएम जूनियर हाईस्कूल, होली ट्रिनिटी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मीना एकेडमी और शाइनिंग स्टार पब्लिक स्कूल को भी नोटिस भेजा गया है।

प्रशासन ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों और उप शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सभी नोटिस संबंधित स्कूलों तक समय पर पहुंचाएं और उनकी तामील सुनिश्चित करें। साथ ही विद्यालयों को निर्धारित समय के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का कहना है कि यदि स्कूल संतोषजनक जवाब देने में विफल रहते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कदम से जिले में निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली और फीस व्यवस्था पर निगरानी और कड़ी होने के संकेत मिल रहे हैं।