उत्तराखंड कांग्रेस में यूथ क्रांतिः पुराने नेता बाहर, नए चेहरों पर भरोसा बढ़ा

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#existence of Uttarakhand Congress in Parliament
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उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। इसी क्रम में कांग्रेस संगठनात्मक स्तर पर बड़े बदलाव की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।

हाल ही में पार्टी द्वारा जारी ब्लॉक और नगर अध्यक्षों की सूची से साफ संकेत मिले हैं कि कांग्रेस अब नए और युवा चेहरों को प्राथमिकता दे रही है। यह बदलाव प्रदेश नेतृत्व की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत संगठन को नई ऊर्जा देने और जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस ने अब तक 197 ब्लॉक और नगर अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है, जबकि कुल 235 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। जारी सूची में किए गए बदलाव पार्टी की नई कार्यशैली को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

सूची में सबसे अहम बात यह है कि करीब 70 प्रतिशत पदों पर पहली बार नए चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है। इससे साफ है कि संगठन में पुराने ढर्रे को बदलकर नए नेतृत्व को आगे लाने की कोशिश की जा रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में तैयार इस सूची में कई ऐसे नेताओं को जगह नहीं मिली है, जो वर्षों से ब्लॉक और नगर स्तर पर पद संभाल रहे थे। करीब 17 पुराने पदाधिकारियों को इस बार बाहर किया गया है।

पार्टी के भीतर अब सभी की नजर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के गठन पर है, जहां इसी तरह युवाओं को प्राथमिकता देने का पैटर्न देखने को मिल सकता है। इसे संगठन में संभावित बड़े बदलाव का अगला चरण माना जा रहा है।

इस बदलाव के बाद कुछ पुराने नेताओं और उनके समर्थकों में असंतोष की स्थिति भी देखने को मिली है, हालांकि पार्टी नेतृत्व इसे संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया बता रहा है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए संगठन को मजबूत करने के लिए युवाओं को जिम्मेदारी देना जरूरी है। वहीं अनुभवी नेताओं के अनुभव का उपयोग अन्य महत्वपूर्ण भूमिकाओं में किया जाएगा।

कुल मिलाकर, उत्तराखंड कांग्रेस इस समय संगठनात्मक पुनर्गठन के दौर से गुजर रही है। यह बदलाव आने वाले 2027 विधानसभा चुनावों में पार्टी की रणनीति और प्रदर्शन पर महत्वपूर्ण असर डाल सकता है।