देवभूमि में गूंजी आस्थाः चारधाम यात्रा शुरू, लाखों श्रद्धालु पहुंचे दर्शन को तैयार

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने यात्री बसों को हरी झंडी दिखाकर चारों धामों के लिए रवाना किया। यात्रा की शुरुआत के साथ ही श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया।

इस वर्ष अक्षय तृतीया के अवसर पर 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शन हेतु खोल दिए जाएंगे। आगामी छह माह तक लाखों भक्त इन पवित्र धामों के दर्शन कर सकेंगे।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक चारधाम यात्रा के लिए 17.87 लाख श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। पिछले वर्ष मानसून की चुनौतियों के बावजूद 48.32 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए थे।

यात्रा के लिए हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी जारी है। वहीं केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवाओं की बुकिंग 15 जून तक पूरी तरह फुल बताई जा रही है।

इस वर्ष मंदिर प्रबंधन से जुड़े कई नए नियम भी लागू किए गए हैं। बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक का प्रस्ताव पहले ही पारित किया जा चुका है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी गैर-सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू रहेगा। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रवेश से पहले पंचगव्य ग्रहण करना अनिवार्य किया गया है।

मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर भी सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। मंदिर से 50 से 60 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी या मोबाइल उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके लिए लॉक रूम की व्यवस्था की जाएगी।

सरकार ने इस बार प्रतिदिन दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या की सीमा समाप्त कर दी है। वहीं विशेष पूजा शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है—बद्रीनाथ में श्रीमद्भागवत कथा के लिए 1 लाख रुपये और केदारनाथ में विशेष पूजा के लिए 51 हजार रुपये निर्धारित किए गए हैं।

यात्रा की सुरक्षा और सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। 127 पार्किंग स्थल, 47 पड़ाव क्षेत्र, 57 स्वास्थ्य जांच केंद्र और 177 एंबुलेंस तैनात की गई हैं। साथ ही ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। कुल 1290 सीसीटीवी कैमरे, 36 एपीएनआर कैमरे और 27 पीटीजेड कैमरों के माध्यम से यात्रा मार्ग पर नजर रखी जा रही है।

हरिद्वार से चारधाम यात्रा की कुल दूरी लगभग 1,600 से 1,700 किलोमीटर है, जिसमें यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के पवित्र स्थल शामिल हैं।