कोर्ट पहुंचा पहला मामलाः हलाला और तीन तलाक के आरोपों से गरमाया उत्तराखंड

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उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद हलाला से जुड़ा पहला मामला अब कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच गया है। हरिद्वार जिले के बुग्गावाला थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है। हालांकि, अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मुकदमे में लगी धाराओं में गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं होने के कारण यह कार्रवाई नहीं की गई।

करीब दो महीने पहले एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। महिला का आरोप था कि शादी के बाद उसे लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी गई। शिकायत में हलाला जैसी कुप्रथा और तीन तलाक से जुड़े गंभीर आरोप भी लगाए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।

पुलिस ने इस मामले में समान नागरिक संहिता उत्तराखंड 2024 (संशोधन 2026) की धारा 32(1)(ii) और 32(1)(iii) के तहत केस दर्ज किया है। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 115(2) और 85, मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम 2019 की धारा 3 और 4, तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 3 और 4 भी मुकदमे में शामिल की गई हैं।

जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। विवेचना उपनिरीक्षक मनोज कुमार द्वारा की गई। जांच पूरी होने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय रुड़की की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। मामले में महिला के पति, उसके पिता समेत कुल चार लोगों को आरोपी बनाया गया है।

एसपी देहात शेखर सुयाल ने बताया कि मामला करीब दो महीने पहले दर्ज हुआ था और अब जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, उनमें गिरफ्तारी का स्पष्ट प्रावधान नहीं है, इसलिए किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया। आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।