उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों ने संगठन को मजबूत करने और दूसरे दलों में सेंध लगाने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा जिले की जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र में उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। कांग्रेस सरकार में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और जागेश्वर के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गोविंद सिंह कुंजवाल के भतीजे दिनेश कुंजवाल ने कांग्रेस से दूरी बनाते हुए यूकेडी का दामन थाम लिया है। उनके साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भी यूकेडी में शामिल होने का दावा किया गया है।
दिनेश कुंजवाल के यूकेडी में शामिल होने को जागेश्वर की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। कुंजवाल परिवार का जागेश्वर क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय से प्रभाव रहा है। गोविंद सिंह कुंजवाल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं और विधानसभा अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। ऐसे में उनके परिवार से जुड़े दिनेश कुंजवाल का कांग्रेस छोड़कर क्षेत्रीय दल यूकेडी में जाना कांग्रेस के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर झटका माना जा रहा है।
जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र को लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। यहां पार्टी का संगठन और पारंपरिक जनाधार मजबूत रहा है। लेकिन चुनाव से पहले दिनेश कुंजवाल के यूकेडी में जाने से कांग्रेस के सामने स्थानीय स्तर पर नई चुनौती खड़ी हो गई है। उनके साथ कार्यकर्ताओं के यूकेडी में जाने से पार्टी के स्थानीय संगठन पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
दूसरी ओर, यूकेडी उत्तराखंड की क्षेत्रीय राजनीति में अपनी पुरानी पकड़ मजबूत करने के प्रयास में जुटा है। कांग्रेस के प्रभाव वाले जागेश्वर क्षेत्र में कुंजवाल परिवार से जुड़े व्यक्ति को अपने पाले में लाना यूकेडी के लिए अहम राजनीतिक उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि दिनेश कुंजवाल के यूकेडी में शामिल होने के बाद क्षेत्र के कुछ अन्य कांग्रेस नेता और समर्थक भी पार्टी का रुख कर सकते हैं।
विधानसभा चुनाव से करीब एक साल पहले हुए इस राजनीतिक घटनाक्रम ने जागेश्वर की सियासत को गरमा दिया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दिनेश कुंजवाल के यूकेडी में जाने का असर कांग्रेस के स्थानीय संगठन और चुनावी समीकरणों पर कितना पड़ता है। आने वाले दिनों में यदि कांग्रेस के और नेता या कार्यकर्ता यूकेडी के साथ जुड़ते हैं, तो जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र में मुकाबले के समीकरण और अधिक दिलचस्प हो सकते हैं।



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