पीएम मोदी ने देश को समर्पित की मेगा परियोजना, गडकरी ने उत्तराखंड के लिए किए बड़े ऐलान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोड शो के बाद मंच पर पहुंचकर देहरादून–दिल्ली एक्सप्रेसवे को राष्ट्र को समर्पित किया। इस दौरान वे पारंपरिक पहाड़ी टोपी पहने नजर आए, जिसने कार्यक्रम में उत्तराखंड की संस्कृति की झलक भी पेश की। मंच पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राज्य के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की घोषणा की।

इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह भी मौजूद रहे। जनसभा स्थल पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ कई कैबिनेट मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और तीरथ सिंह रावत, सांसदगण और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट उपस्थित रहे। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की कि देहरादून में लगभग 1700 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन बाइपास बनाया जाएगा, जिससे शहर में ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा। इसके साथ ही हरिद्वार में 2300 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन बाइपास परियोजना पर जल्द काम शुरू किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि देहरादून से मसूरी तक दो लेन सड़क के लिए 800 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की जा रही है, जिससे पहाड़ी मार्ग अधिक सुरक्षित और सुगम बन सकेगा। साथ ही 5200 करोड़ रुपये की लागत से टनकपुर–पिथौरागढ़ होते हुए लिपुलेख तक सड़क परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है, जिसे एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

गडकरी ने आगे कहा कि ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत 640 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में आवागमन बेहतर हुआ है। केदारनाथ के लिए रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक सड़क परियोजना दिसंबर 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य है, जबकि यमुनोत्री धाम के लिए धरासू से यमुनोत्री तक 2500 करोड़ रुपये की परियोजना 2028 तक पूरी करने की योजना है।

उन्होंने यह भी बताया कि भूस्खलन जैसी समस्याओं से निपटने के लिए 4300 करोड़ रुपये की लागत से 296 कार्यों को मंजूरी दी गई है, जबकि 5800 करोड़ रुपये की अतिरिक्त परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं। इसके अलावा सोनप्रयाग से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे परियोजनाओं पर काम तेजी से चल रहा है, जिससे तीर्थयात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

गडकरी ने कहा कि सुरंग निर्माण और आधुनिक तकनीक के उपयोग से पहाड़ी मार्गों को अधिक सुरक्षित बनाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं से उत्तराखंड में कनेक्टिविटी मजबूत होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।