उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में खुले में नमाज पढ़ने के मुद्दे पर अपनी सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य में नमाज अदा करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन इसे केवल निर्धारित और चिन्हित स्थानों पर ही किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक गतिविधियों से आम लोगों को असुविधा हो सकती है और यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय उत्तराखंड में चारधाम यात्रा अपने चरम पर है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु देश-विदेश से पहुंच रहे हैं। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाए रखना है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और सभी व्यवस्थाएं प्रभावी ढंग से संचालित की जाएं।
हल्द्वानी-काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता से जुड़ी शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जवाबदेही तय की जाए।
जनसुनवाई में लोगों ने पेयजल संकट, खराब ग्रामीण सड़कें, बिजली आपूर्ति में रुकावट और सिंचाई संबंधी समस्याएं प्रमुख रूप से उठाईं। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पेयजल विभाग को गर्मी के मद्देनजर टैंकरों की पर्याप्त व्यवस्था करने और खराब हैंडपंप व नलकूपों को जल्द ठीक कराने को कहा गया। वहीं लोक निर्माण विभाग को सड़कों को गड्ढामुक्त करने तथा विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरम्वाल और विधायक सरिता आर्या समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।



Subscribe Our Channel










